सूरह फातिहा हिंदी में | Surah Fatiha in Hindi

surah fatiha
surah fatiha

अस्सलामुअलैकुम दोस्तो क्या आप सूरह फातिहा को हिंदी में पढ़ना चाहते है और गूगल पर सूरह फातिहा को हिंदी में सर्च कर रहे थे तो आप बिलकुल सही जगह आये है |

आज के इस आर्टिकल में हमने सूरह फातिहा को हिंदी में बताया है और उसके साथ साथ सूरह फातिहा के तर्जुमा को भी बताया है और अगर आपको सूरह फातिहा की फ़ज़ीलत को भी बताया है |

और उसके साथ साथ कुछ अहम् बातों को बताया गया है |तो आप इस आर्टिकल को पूरा ज़रूर पढ़े आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा |

दोस्तों, सूरह फातिहा को हमने हिंदी भाषा के साथ साथ इंग्लिश और अरबिक दोनों भाषा में बताया है आपको जिस भाषा में पढ़ना हो तो आप उस भाषा में सूरह फातिहा को पढ़ सकते है |

Surah Fatiha in Hindi

surah fatiha in hindi
surah fatiha in hindi

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

अल्हम्दुलिल्लहि रब्बिल आलमीन @ अर रहमा-निर-रहीम @ मालिकि यौमिद्दीन @ इय्याका न अबुदु व इय्याका नस्तईन @ इहदिनस् सिरातल मुस्तक़ीम @ सिरातल लज़ीना अन अमता अलय हिम @ गैरिल मग़दूबी अलय हिम् व लद दव्लीन (आमीन)।

सूरह फातिहा तर्जुमा हिंदी में | Surah Fatiha Meaning In Hindi

सब तरह की तारीफ अल्लाह ही के लिए है जो तमाम मख्लूक़ात का परवरदिगार है | बड़ा बेहरबान निहायत रहम वाला | इंसाफ के दिन का हाकिम | (ए परवरदिगार) हम तेरी ही इबादत करते है और तुझ से ही मदद मांगते है | हमको सीधे रस्ते चला | उस लोगो के रस्ते जिन पर तू अपना फज़ल व कर्म करता रहा | ना उनके जिनपर गुस्सा होता रहा और ना गुमराहों के | (आमीन )

Surah Fatiha in Arabic

surah fatiha in arabic
surah fatiha in arabic

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِیْنَۙ(۱) الرَّحْمٰنِ الرَّحِیْمِۙ(۲) مٰلِكِ یَوْمِ الدِّیْنِؕ(۳) اِیَّاكَ نَعْبُدُ وَ اِیَّاكَ نَسْتَعِیْنُؕ(۴) اِهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِیْمَۙ(۵) صِرَاطَ الَّذِیْنَ اَنْعَمْتَ عَلَیْهِمْ غَیْرِ الْمَغْضُوْبِ عَلَیْهِمْ وَ لَا الضَّآلِّیْنَ۠(۷) (أمين)

सूरह फातिहा तर्जुमा उर्दू में | Surah Fatiha Tarjuma in Urdu

تمام تعریفیں اللہ کے لیے ہیں جو تمام مخلوقات کا رب ہے۔ بڑا مہربان اور نہایت رحم کرنے والا۔ انصاف کے دن کا حاکم۔ (اے رب) ہم تیری ہی عبادت کرتے ہیں اور تجھ ہی سے مدد مانگتے ہیں۔ ہم کو سیدھے راستےچلا ۔ ان لوگوں کے رستے جن پر تو اپنا فضل وکرم کرتا رہا۔ نہ انکے جن پر غصہ ہوتا رہا اور نہ گمراہوں کے ۔ (آمین)

Surah Fatiha in English

surah fatiha in english
surah fatiha in english

Bismillaahir Rahmaanir Raheem


Alhamdu lillaahi Rabbil ‘aalameen @ Ar-Rahmaanir-Raheem @Maaliki Yawmid-Deen @ Iyyaaka na’budu wa lyyaaka nasta’een @ Ihdinas-Siraatal- Mustaqeem @Siraatal-lazeena an’amta ‘alaihim ghayril-maghdoobi ‘alaihim wa lad-daaalleen. (Ameen)

सूरह फातिहा तर्जुमा इंग्लिश में | Surah Fatiha Meaning in English

All praise is due to Allah alone, who is the Lord of all creation. The most merciful, the most merciful. The ruler of the day of justice. (O Lord) We worship You only and seek help from You only. Guide us on the straight path. The path of those people on whom you kept doing your grace and deeds. Neither those who used to get angry nor those who went astray. (Amen )

सुरह फातिहा को कितने नाम से जाना जाता है?

सूरह फातिहा को सिर्फ सूरह फातिहा के नाम से ही नहीं बल्कि इसके अलावा और भी नामों से जाना जाता है तो चलिए उन नामो को भी जान लेते है |

सूरह फातिहा के मुताअद्दत नाम है और नामों का ज़्यादा होना इसकी फ़ज़ीलत और शर्फ़ की दलील है, इसके कुछ मशहूर नाम है जो कुछ इस तरह है |

  • Surah Fatiha सूरह फातिहा से क़ुरान पाक की तिलावत शुरू की है | और इसी सूरत से क़ुरान पाक लिखने की इब्तेदा की जाती है | इस लिए इसे ” फ़ातिहातुल किताब ” यानि किताब की इब्तेदा करने वाली कहते है |
  • इस सूरत की इब्तेदा अल्हम्दुलिल्लाह से हुई इस मुनासिबत से इसे सुरतुल हम्द यानि वो सूरत जिसमे अल्लाह तआला की हम्द बयान की गयी है कहते है |
  • सूरह फातिहा क़ुरान पाक की असल है इस बेनअ पर इसे उम्मुल क़ुरान और उम्मुल किताब कहते है |
  • ये सूरत नमाज की हर रकात म पढ़ी जाती है, ये सूरह दो मरतबा नाज़िल हुई है इस वजह से इसे अस्सबउल मसानी यानि बार बार पढ़ी जाने वाली या एक से ज़्यादा मर्तबा नाज़िल होने वाली 7 आयते कहते हैं |
  • दीन के उमूर का जामे होने की वजह से सूरह फातिहा को सुरतुल कन्ज़, सुरतुल वाफ़ियाह और सुरतुल काफ़ियाह कहते है |
  • शिफा का बाइस होने की वजह से इसे सुरतुश शिफा और सुरतुश शाफिया कहते है |
  • दुआ पर मुश्तमिल होने की वजह से इसे सुरतुद दुआ, सुरतु तालिमिल मस्अलह, सुरतुस सुवाल सुरतुल मुनाजात, सुरतुत तफ़वीज़ भी कहा जाता है |

सूरह फातिहा की फजीलत | Surah Fatiha Ki Fazilat

सहाबी ए रसूल कहते हैं नबी सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फरमाया मस्जिद से निकलने से पहले मैं तुम्हें एक ऐसी सूरत बताऊंगा जो कुरान ए मजीद में सबसे अफ़ज़ल सूरत है |

जब निकलने लगे तो सहाबी फरमाते हैं मैंने याद दिलाया आप सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम फरमाते हैं सबसे अज़ीम सूरत है अल्हम्दुलिल्लहि रब्बिल आलमीन और आगे पूरी Surah Fatiha तो ये बड़ी फज़ीलत है |

कुरान ए मजीद में भी अल्लाह ने इसकी फजीलत को बयान किया फरमाया ए नबी हमने आपको 7 वो सूरत दी है जो बार-बार दौड़ाई जाती है और बाकी कुरान |

इस सूरत को अल्लाह ने अलग से बयान किया कि बाकी कुरान भी दिया और यह 7 सूरते भी दी तो यह इसकी अलामत है कि अल्लाह की नजर में इस सूरत की बहुत अहमियत है |

और अल्लाह ने इसकी शिफत यह बयान की बार-बार दोहराई जाने वाली सूरत तो यह भी इसकी एक फजीलत है  बार-बार नमाजो में दोहराई जाती है |

नमाजो में कुरान का कोई भी हिस्सा इतना ज्यादा नहीं पढ़ा जाता जितनी सूरह फातिहा को पढ़ा जाता है| तो यह एक बहुत बड़ी फजीलत है |

Surah Fatiha ki Tafseer

सूरह फातिहा क़ुरान मजीद की वो सूरह है जिसको सबसे पहले रखा गया है नाज़िल पहले नहीं हुई है लेकिन रखा सबसे पहले गया है सूरह फातिहा को |

उसकी वजह ये है की हम जब भी क़ुरान की इब्तेदा करे तो सूरह फातिहा से करे फातिहा का माने होता है खोल देने वाला यहाँ से क़ुरान सहरीफ़ खुल रही है |

अल्लाह तआला ने इसको तम्हीद बनाया है जैसे हर किताब से पहले एक इंट्रोडक्शन होता है न तो उसी तरह सूरह फातिहा एक किस्म इंट्रोडक्शन है |

अल्लाह ने इसमें सबसे पहले अपना तारूफ करवाया | सब तरह की तारीफ अल्लाह के लिए है अगर किसी इंसान तारीफ है तो वो अल्लाह की देन से है अल्लाह की अता से है हकीकी तारीफ का मुस्तहिक़ सिर्फ अल्लाह हैं |

Surah Fatiha Padhne Ke Fayde

सूरह फातिहा के बहुत सारे फायदे हैं आज मैं आपको इस आर्टिकल में सूरह फातिहा का एक बहुत बड़ा फायदा बताने जा रहा हूं सूरह फातिहा का एक नाम है सूरह शिफा वैसे तो सूरह फातिहा के बहुत सारे नाम है|

उसमें से एक नाम है सूरह शिफा इस सूरत को सूरह शिफा इसलिए भी कहा जाता है कि यह हमारी जिस्मानी बीमारियों के लिए शिफा है एक बहुत पावरफुल वजीफा है |

सूरह फातिहा का जिसके जरिए बड़ी सी बड़ी बीमारियों का इलाज आप कर सकते हैं बाज़दफ़ा होता है ना कि हम डॉक्टर से दवा भी लेकर आते हैं और दवा फायदा ही नहीं देती है एक बीमारी हमें ऐसी लग गई की दवाई करा ली |

डॉक्टर चेंज कर लिए बड़े-बड़े डॉक्टर को दिखा दिया हकीमो को दिखा दिया दवा फायदा ही नहीं दे रही एक दफा सूरह फातिहा का यह अमल भी करके देख लीजिएगा |

सूरह फातिहा का जो नाम सूरह शिफा है ना वह इसीलिए है कि यह बड़ी बड़ी बीमारियों से शिफा देती है 40 मर्तबा जो शख्स भी सूरह फातिहा को पढ़कर अपने ऊपर दम कर लेगा |

या फिर पानी पर दम करके उस पानी को रोजाना पिएगा तो इंशाल्लाह अल्लाह तआला उसकी बीमारियों को दूर कर देगा सूरह फातिहा की बरकत से|

 मेरे अज़ीज़ भाइयों इसीलिए इसे सूरह शिफा भी कहा जाता है क्योंकि यह रूहानी बीमारी के लिए और जिस्मानी बीमारियों के लिए शिवा है| तो अगर आपको भी कोई ऐसी बीमारी है जो ठीक नहीं हो पा रही है|

तो आपको सूरह फातिहा पढ़ना चाहिए रोजाना 40 मर्तबा सूरह फातिहा को पढ़ना है सूरह फातिहा को पढ़ने के बाद अपने ऊपर दम कर लीजिए या फिर पानी की एक बोतल पर उसको दम कर लीजिए |

और रोजाना उसी पानी को आप पीजिए रोजाना इस वजीफे को आप करेंगे ना तो इंशाल्लाह अगर आपके मुकद्दर में मौत नहीं होगी तो अल्लाह तआला आपको जरूर शिफा अता कर देगा |

अगर मरीज़ खुद नहीं पढ़ सकता हो तो फिर कोई और शख्स भी 40 मर्तबा सूरह फातिहा पढ़कर उस मरीज़ पर दम कर सकता है और पानी पर दम कर सकता है |

इस अमल को कीजिए और फायदा हासिल कीजिए तू यह सूरह फातिहा का एक बड़ा अमल था जो मैंने आपको इस आर्टिकल में बताया है |

और अगर किसी को बुरी नज़र लग गयी हो तो सूरह फातिहा पढ़ कर उसे दम करे इंशाअल्लाह उसकी बुरी नज़र उतर जाएगी |

FAQs

सूरह फातिहा हिंदी में क्या है?

सूरह फातिहा हिंदी में ” अल्हम्दुलिल्लहि रब्बिल आलमीन @ अर रहमा-निर-रहीम @ मालिकि यौमिद्दीन @ इय्याका न अबुदु व इय्याका नस्तईन @ इहदिनस् सिरातल मुस्तक़ीम @ सिरातल लज़ीना अन अमता अलय हिम @ गैरिल मग़दूबी अलय हिम् व लद दव्लीन (आमीन)। ” है|

सूरह फातिहा कहां नाज़िल हुई?

सूरह फातिहा मक्का शरीफ में नाज़िल हुई |

सूरह फातिहा किस पर नाज़िल नाज़िल हुई?

सूरह फातिहा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर नाज़िल नाज़िल हुई |

सूरह फातिहा का क्या मअना होता है?

सूरह फातिहा का मअना होता है आगाज़ यानि शुरुवात |

Conclusion

दोस्तों इस आर्टिकल में Surah Fatiha और इसकी फ़ज़ीलत को बताया गया है और Surah Fatiha in Hindi उसके तर्जुमा को भी बताया गया है |

मुझे उम्मीद है के आप को ये कलमा पसंद आया होगा और अगर इस आर्टिकल में मुझसे किसी तरह की गलती हो गयी तो आप मुझे नीचे कमेंट करके ज़रूर बताये ताकि मैं उस गलती को ठीक कर सकू|

और इस आर्टिकल को आप अपने दोस्तो और सोशल मीडिया पर शेयर करे ताकि वो लोग भी इस कलमा का फायदा उठा सके |तब तक मैं आपसे अगले आर्टिकल में मिलता हूँ अल्लाह हाफिज़ |

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