Azan ke Baad Ki Dua | अज़ान के बाद की दुआ

Azan ke Baad Ki Dua

अस्सलामुअलैकुम दोस्तों, इस आर्टिकल में हमने Azan ke Baad Ki Dua क्या है उसको डिटेल में बताया है हमने Azan ke Baad Ki Dua को हिंदी इंग्लिश और अरबिक भाषा में बताया है ताकि आपको पढ़ने में आसानी हो आपको जो भाषा आती हो आप उस भाषा में Azan ke Baad Ki Dua को पढ़ सकते है|

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Azan ke Baad Ki Dua के साथ साथ हमने उसके तर्जुमाः को भी बताया है जिससे आपको अज़ान के बाद की दुआ को समझने में आसानी होगी और उसके साथ साथ अज़ान से रिलेटेड बहुत सारी बातें इस आर्टिकल में बताया गया है आप चाहे तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ सकते है और अपनी इस्लामिक नॉलेज को बढ़ा सकते है |

Azan ke Baad ki Dua in Hindi

अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दावतित ताम मति वस्सलातिल का इमति आति मुहम्मदिनिल वसीलता वल फज़ीलता वब असहु मकामम महमूदनिल लज़ी वा अत्ताहू इन्नका ला तुखलिफुल मिआद|

Azan ke Baad Ki Dua in hindi

Azan ke Baad ki Dua Hindi Me Tarjuma

ए अल्लाह ! ए परवरदिगार इस पूरी पुकार और कायम होने वाली नमाज़ के रब हज़रत मुहम्मद स.अ.(ﷺ)को वसीला और फ़ज़ीलत और बुलंद दर्ज़ा अता फरमा और उनको मक़ामे महमूद में खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया और हमें कयामत के दिन उनकी शफाअत से बहरामंद कर। बेशक तू वादा खिलाफी नहीं करता |

Azan ke Baad ki Dua in Arabic

Azan ke Baad Ki Dua in arabic

اَللّٰہُمَّ رَبَّ ھٰذِہِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلٰوةِ الْقَآئِمَةِ اٰتِ مُحَمَّدَنِ الْوَسِیْلَةَ وَالْفَضِیْلَةَ وَابْعَثْہُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَنِ الَّذِیْ وَعَدْتَّہ اِنَّکَ لَا تُخٌلِفُ الٌمِیٌعَاد

Azan ke Baad ki Dua in English

Azan ke Baad Ki Dua in english

Allahumma Rabba Hazihid Dawatit Tammati VasalatiI qaa imati aati Muhammadanil waseelata wal Fazelata wab as hu maqaamam mahmoodanil lazii wa at tuhoo innaka la tukh liful mee aad.

Azan ka Maqsad Kya Hai?

जब मुअज़्ज़िन अज़ान देता है तो उसमे बार बार ये लफ्ज़ दौहराते है अल्लाह हुअक्बर अल्लाह हुअक्बर यानि अल्लाह सबसे से बड़ा है अल्लाह से बड़ा कोई नहीं नाही बीवी,बच्चे बड़े है नाही कारोबार बड़ा है क्योंकी उस वक़्त ये चीज़े आपको नमाज़ से रोक रही होती है|

क्योंकी आप के दिल में दूकान की बराई है कारोबार की बराई है बीवी बच्चो की बराई है दोस्तो की बराई है बहुत सारी चीज़ो की बराई है आप उसको बड़ा समझ रहे है यार ये मेरे लिए इम्पोर्टेन्ट है ये मेरे लिए अहम है मुअज़्ज़िन अल्लाह का ज़िक्र करके हमें ये बताता है की सबसे बड़े अल्लाह हैं ये चीज़े बड़ी नहीं है|

तो इससे हमें यह पता चलता है की अज़ान का कुछ मक़सद है और फिर मुअज़्ज़िन कहता है अशहदु अंल्लाइलाहा इल्लल्लाह (में गवाही देता हूँ की अल्लाह के अलावा कोई माबूद नहीं) अल्लाह के सिवह कोई गुलामी के लायक नहीं है जब अज़ान हो तो हमें अपने कारोबार और दूकान की गुलामी नहीं करनी चाहिए हमें नमाज़ पढ़ने जाना चाहिए नमाज़ पढ़कर जो भी काम हो उसको करना चाहिए|

Azan ka Jawab Dene ka Tarika

अज़ान का जवाब देने का तरीका ये है की जो अल्फ़ाज़ मुअज़्ज़िन दौहराते है और वो जैसे ही खामोश हो आप भी वही अल्फ़ाज़ दोहराए जब मुअज़्ज़िन कहे….

अज़ान:- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर (2 बार)
जवाब:- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर (2 बार)
तर्जुमा:- अल्लाह बहुत बड़ा है , अल्लाह बहुत बड़ा है (2 बार)

अज़ान:- अशहदु अंल्लाइलाहा इल्लल्लाह (2 बार)
जवाब:- अशहदु अंल्लाइलाहा इल्लल्लाह (2 बार)
तर्जुमा:- में गवाही देता हूँ की अल्लाह के अलावा कोई माबूद नहीं (2 बार)

अज़ान:- अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसुलल्लाह (2 बार)
जवाब:- अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसुलल्लाह (2 बार)
तर्जुमा:- में गवाही देता हूं की हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के रसूल हैं (2 बार)

अज़ान:- हय्या अलस्सल्लाह (2 बार)
जवाब:- लाहौ ला कुव्व ता इल्ला बिल्लाह (2 बार)
तर्जुमा:- आओ नमाज़ पढ़ने के लिए (2 बार)

अज़ान:- हय्या अलल फलाह (2 बार)
जवाब:- लाहौ ला कुव्व ता इल्ला बिल्लाह (2 बार)
तर्जुमा:- आओ निजात पाने के लिए (2 बार)

अज़ान:- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
जवाब:- अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
तर्जुमा:- अल्लाह बहुत बड़ा है , अल्लाह बहुत बड़ा है

अज़ान:- ला इल्लाहा इल्लल्लाह
जवाब:- ला इल्लाहा इल्लल्लाह
तर्जुमा:- अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

अज़ान:- अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम (सिर्फ फज़र अज़ान में)
जवाब:- अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम
तर्जुमा:- नमाज़ नींद से बहतर है नमाज़ नींद से बहतर है

और जब मुअज़्ज़िन अज़ान देने के बाद खामोश हो जाये तो उसके बाद दुरूद शरीफ़ पढ़ना चाहिए और Azan ke Baad ki Dua पढ़नी चाहिए जो हमने ऊपर बता दिया है|

Azan Padhne ke 10 दुनियावी फायदे

मै आपको अज़ान के 10 दुनियावी फायदे बताने जा रहा हु यह 10 दुनियावी फायदे जान के आपको बहुत हैरानी होगी की अज़ान के इतने सारे फायदे है तो आइये जानते है अज़ान के वह कौन कौन से दुनियवी फायदे है |

1अज़ान की आवाज़ से शैतान दूर भागता है

अज़ान की आवाज़ से शैतान इतनी दूर भाग जाता है जहा तक अज़ान की आवाज़ पहुंचे| हदीस शरीफ़ में आता है की जब अज़ान होती है तो शैतान बहुत दूर भागता है | जब आपको कोई डरावना खाव्ब आये या कोई शैतान या जिन्नात की आहट महसूस हो या जिन्नात शैतान हमें परेशान कर रहा हो तो अज़ान पढ़ी जाये तो इससे शैतान दूर भाग जाता है|

2 – आग का ज़ोर का कम होना

आग लग जाये तो अज़ान पढ़ने से आग का ज़ोर कम हो जाता है और आग बुझने लगती है|

3 – सख्त आंधी के तूफ़ान का ख़तम होना

सख्त आंधी का तूफ़ान अज़ान पढ़ने से बहुत जल्द ख़तम हो जाता है|

4 – घर या बस्ती में पत्थर का गिरना

जिस घर या बस्ती में पत्थर गिरने लगे तो अज़ान पढ़ने से पत्थर का गिरना बंद हो जाता है|

5 – बारिश का नुकसानदे होना या सैलाब से हलाकत का अंदेशा होना

इतनी बारिश हो रही है या सैलाब आ रहा है और खूब बारिश हो रही है जिससे हलाकत का अंदेशा होने लगे तो अज़ान पढ़ने से नुकसान और हलाकत का अंदेशा टल जाता है|

6 – घर में जिन, शैतान या आसिर का अंदेशा होना

जिस घर में जिन, शैतान या आसेब का अंदेशा हो अगर आपको लग रहा है की इस घर में जिन है या शैतान है तो मगरिब की नमाज़ के बाद कुछ दिनों तक अज़ान पढ़ने से शैतान और आसेब का असर होता है वो बिलकुल ख़तम हो जाता है|

7 – वाबाई बीमारी का ख़तम होना

अगर वाबाई बीमारी फ़ैल गयी हो तो बस्ती में गलियों के अंदर बहुत से लोग अज़ान दे खास तौर पर रात में अज़ान दे तो वाबाओ का ज़ोर काम हो जाता है लेकिन शर्त यह की सरे मुसलमान फ़र्ज़ नमाज़ के पाबंद हो |

8 – मजनू के जूनून में कमी

मजनू के कान में अज़ान पढ़ देने से जूनून में कमी हो जाती है अगर कोई अचानक से पागल सा हो रहा है या उसकी अकल ख़राब सी होगी है तो उसके कान में अज़ान पढ़ी जाये इससे जूनून में कमी होती है|

9 – जंगल या मैदान में रास्ता भूलना

अगर आप जंगल या मैदान में रास्ता भूल जाये तो अज़ान पढ़ने से ग़ैबी मदद मिल जाती है अगर आप कही जा रहे है और रास्ता भूल गए या रास्ता भटक गए तो आप अज़ान पढ़े इससे यह होगा की अल्लाह तआला की तरफ से गायब से मदद आये गई|

10 – कुफ्फार पर रौब का परना

कुफ्फार से जंग के वक़्त अज़ान पढ़ने से कुफ्फार पर रौब पड़ता है और मुसलमानो में इस्लामी जोश पैदा हो जाता है|

Azan Dene ki fazilat

इमामे बुखारी अपने तारीख़ में हज़रात अनस रज़िअल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत फरमाते है की नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया जब मुअज़्ज़िन अज़ान शुरू करता है|

तो उस वक़्त अल्लाह तबारक व तआला अपना दस्त ए कुदरत उसके सर पर रख देता है| जब अज़ान पूरी होती है तो उस मुअज़्ज़िन की बख्शिश कर दी जाती है|और रब इरशाद फरमाता है उस मुअज़्ज़िन से के तूने हक़ की गवाही दी है तेरे लिए बशारत हो|

ख़तीब ने असाकर हज़रात अनस रज़िअल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत फरमाते है की नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया के मेरे उम्मत के मुअज़्ज़िन का हश्र के कुछ इस तरह होगा|

की उनके आगे बेलाल होंगे और उनके पीछे मेरे उम्मत के मुअज़्ज़िन होंगे और सब के सब ऊँटो पर सवार होंगे और सब के सब मैदाने महशर में अज़ान देते हुए निकलेगे तो लोग पूछेंगे ये कौन है तो कहा जाये गा की ये उम्मत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मुअज़्ज़िन है|

आगे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते है उस दिन सब खौफ में होंगे मुअज़्ज़िन बे खौफ होगा उस दिन सब गम में होंगे मुअज़्ज़िन को कोई गम नहीं होगा|

यह कुछ हदीसे मैंने आपके सामने फ़ज़ीलत में बताया है इसके अलावा अज़ान के बहुत सारे फ़ज़ीलत है यह सिर्फ मुअज़्ज़िन की फ़ज़ीलत है|

खुशनसीब होते है वह इंसान जो अज़ान देते है उसके सर पर कुदरत का हाथ होता है जो बरूज़े क़यामत बेखौफ होंगे बे गम होंगे|

अगर कोई साल भर तक अज़ान देता है रब की रज़ा के खातिर तो उसके लिए जन्नत को वाजिब कर दिया जाता है|

बच्चे के कान me Azan Dene Ka Tarika

बच्चे के कान में Azan Dene Ka Tarika है की बच्चे के कान में खड़े होकर अज़ान दी जाये|और आपका रुख क़िब्ले की तरफ होना चाहिए और पहले दाए कान में अज़ान हो बच्चे के दाए कान में अज़ान का मतलब ये की आप बच्चे को गोद में लेकर खरे होंगे|

और आप का सीना क़िब्ले की तरफ होगा और बच्चे का सीधा कान आपके मुह की तरफ होगा और उसमे आपको अज़ान देनी है और अज़ान ऐसे देनी है की आप बहुत ज़्यादा चीखें नहीं की कान के परदे फट जाये क्युकी वो बच्चा है वो इतनी तेज़ आवाज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता|

और इतनी आहिस्ता भी नहीं हो की पास में खरे हुए लोग भी सुन ना सके तो इस तरह से अज़ान देनी चाहिए की करीब खड़े लोगो को आवाज़ आ जाये पुरे मुहल्ले में आवाज़ जाना ज़रूरी नहीं है|

और इक़ामत भी इसी तरह दे और फिर बच्चे को पलट दे उसका जो लेफ्ट कान है वो आपके होटो के सामने हो जायेगा और जिस तरह से अज़ान दी है उसी तरह से इक़ामत कह ले जो नमाज़ से पहले इक़ामत होती है|बच्चे के कान में Azan Dene Ka Tarika का तरीका यह है|

Azan ke Baad ki Dua with Tarjuma

अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दावतित ताम मति वस्सलातिल का इमति आति मुहम्मदिनिल वसीलता वल फज़ीलता वब असहु मकामम महमूदनिल लज़ी वा अत्ताहू इन्नका ला तुखलिफुल मिआद|

ए अल्लाह ! ए परवरदिगार इस पूरी पुकार और कायम होने वाली नमाज़ के रब हज़रत मुहम्मद स.अ.(ﷺ)को वसीला और फ़ज़ीलत और बुलंद दर्ज़ा अता फरमा और उनको मक़ामे महमूद में खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया और हमें कयामत के दिन उनकी शफाअत से बहरामंद कर। बेशक तू वादा खिलाफी नहीं करता |

Azan ki Dua in Hadees

ख़तीब ने असाकर हज़रात अनस रज़िअल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत फरमाते है की नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया के मेरे उम्मत के मुअज़्ज़िन का हश्र के कुछ इस तरह होगा|

की उनके आगे बेलाल होंगे और उनके पीछे मेरे उम्मत के मुअज़्ज़िन होंगे और सब के सब ऊँटो पर सवार होंगे और सब के सब मैदाने महशर में अज़ान देते हुए निकलेगे तो लोग पूछेंगे ये कौन है तो कहा जाये गा की ये उम्मत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मुअज़्ज़िन है|

आगे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते है उस दिन सब खौफ में होंगे मुअज़्ज़िन बे खौफ होगा उस दिन सब गम में होंगे मुअज़्ज़िन को कोई गम नहीं होगा|

Azan ki sunnate

अज़ान की 12 सुन्नते है| सुन्नत के मुताबिक अगर अज़ान देना है तो 12 सुन्नतों की रिआयत करना ज़रूरी है|जो कुछ इस तरह है…

  • बावज़ू अज़ान देना |
  • खड़े होकर अज़ान देना |
  • क़िब्ला रुख होकर अज़ान देना |
  • ऊँची जगह पर खरे होकर अज़ान देना |
  • दोनों कानो उंगलिया डालकर अज़ान देना |
  • बलन्द आवाज़ से अज़ान देना |
  • ठहर ठहर कर अज़ान देना |
  •  हय्या अलस्सल्लाह पर दायी जानिब चेहरा फेर कर और हय्या अलल फलाह पर बायीं जानिब चेहरा फेर कर अज़ान देना |
  • अज़ान के जवाब में मुअज़्ज़िन के तमाम कलिमात को दोहराना (ये सुनने वालो लोगो के लिए सुन्नत है की वो मुअज़्ज़िन के अज़ान का जवाब दे और वही अल्फ़ाज़ के साथ दे इसमें फर्क ये है की हय्या अलस्सल्लाह और हय्या अलल फलाह में लाहौ ला कुव्व ता इल्ला बिल्लाह दोनों के जवाब में पढ़ना है|और फज़र की नमाज़ में अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम में अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम कहे|
  • अज़ान के बाद दुरूद शरीफ़ पढ़ना |
  • अज़ान के बाद की दुआ पढ़ना |
  • अज़ान के बाद मस्जिद से ना निकलना |

FAQs

अज़ान के बाद की दुआ क्या है?

Azan ke Baad ki Dua अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद दावतित ताम मति वस्सलातिल का इमति आति मुहम्मदिनिल वसीलता वल फज़ीलता वब असहु मकामम महमूदनिल लज़ी वा अत्ताहू इन्नका ला तुखलिफुल मिआद है|

अजान क्यों होता है?

अज़ान नमाज़ पढ़ने के लिए होता है|

अज़ान कितने मिनट का होता है?

अज़ान अमुमन 2 से 3 मिनट्स का होता है लेकिन ये देने वाले के ऊपर होता है की वह कितनी देर में अज़ान देता है|


अल्लाह हू अकबर का मतलब क्या होता है?

अल्लाह हू अकबर का मतलब अल्लाह सबसे बड़ा है ये होता है|

Conclusion

तो दोस्तो मैंने आपको इस आर्टिकल के ज़रिये से Azan ke Baad ki Dua और Azan Dene Ka Tarika और अज़ान से जुड़ी बातो को बताया है मुझे उम्मीद है की आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और अगर इस आर्टिकल में मुझसे कोई गलती हो गयी हो तो आप मुझे कमेंट करके ज़रूर से बताये ताकि मै उस गलती को सुधार सकूं|

और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ ज़यादा से ज़्यादा शेयर करे ताकि उन्हें भी Azan ke Baad ki Dua और अज़ान से जुड़ी बाते पता चल सके तबतक के लिए मै आपसे अगले आर्टिकल में मिलता हू अपना ख्याल रखिये गा|

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